Internal Security | 2015-12-25 17:56:00

साइबर फ्रॉड क्या है?

साइबर फ्रॉड वह अपराध है जिसमें फोन, इंटरनेट, कंप्यूटर या डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा देकर पैसा, निजी जानकारी या अकाउंट एक्सेस छीना जाता है।

साइबर फ्रॉड के प्रकार

  • टेक सपोर्ट स्कैम: “आपके कंप्यूटर में वायरस है” कहकर डराना
  • फिशिंग: फर्जी ईमेल/SMS से OTP, पासवर्ड मांगना
  • बैंक/UPI फ्रॉड: बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना
  • टैक्स/IRS स्कैम: कानूनी कार्रवाई की धमकी
  • इन्वेस्टमेंट स्कैम: झूठे हाई-रिटर्न का लालच

अवैध कॉल सेंटर कैसे काम करते हैं?

  • फर्जी पहचान: कॉल करने वाले खुद को बैंक, टेक कंपनी या सरकारी एजेंसी बताते हैं
  • मनोवैज्ञानिक दबाव: डर, जल्दबाज़ी और अधिकार का दिखावा कर पीड़ित को फँसाते हैं
  • कॉलर ID धोखा: कॉल किसी भरोसेमंद नंबर से आती हुई दिखती है
  • तैयार स्क्रिप्ट: पहले से लिखी बातें ताकि बातचीत नियंत्रित रहे
  • पैसे निकलवाना: गिफ्ट कार्ड, वायर ट्रांसफर, UPI, क्रिप्टो या रिमोट एक्सेस के ज़रिये
  • पैसा छुपाना: रकम को कई खातों में घुमा दिया जाता है

 

 

भारत में साइबर फ्रॉड को एक गंभीर अपराध माना जाता है और इसके लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। डिजिटल पेमेंट, UPI, ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया और कॉल-आधारित ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने सख़्त सज़ाओं का प्रावधान किया है। साइबर फ्रॉड पर मुख्य रूप से IT Act, 2000, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और PMLA लागू होते हैं।

मुख्य कानून और सज़ा (Numbered Bullet Points):

  1. IT Act, 2000 (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम):

    • पहचान चोरी, OTP/UPI फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी पर 3 साल तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना।

    • बिना अनुमति डेटा या सिस्टम का इस्तेमाल करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

  2. भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023:

    • धोखाधड़ी (Cheating) करने पर 7 साल तक की जेल और जुर्माना।

    • किसी और की पहचान बनकर ठगी करने पर 3–5 साल की सज़ा।

    • फर्जी दस्तावेज़ और जालसाज़ी पर 7 साल तक की जेल।

  3. PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम):

    • साइबर फ्रॉड से कमाए गए पैसे को छिपाने या घुमाने पर 7 साल तक की जेल।

    • आरोपी की संपत्ति और बैंक अकाउंट ज़ब्त किए जा सकते हैं।

  4. फर्जी कॉल सेंटर और संगठित गिरोह:

    • संगठित साइबर ठगी पर 7 साल या उससे अधिक की जेल।

    • भारी जुर्माना, अकाउंट फ्रीज़ और डिजिटल डिवाइस सीज़।

  5. शिकायत और कार्रवाई:

    • साइबर फ्रॉड की शिकायत 1930 हेल्पलाइन पर की जा सकती है।

    • ऑनलाइन शिकायत के लिए cybercrime.gov.in पोर्टल उपलब्ध है।