ओमान की भौगोलिक स्थिति हिंद महासागर में अत्यंत रणनीतिक (strategic) मानी जाती है क्योंकि:
1. स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण
- ओमान की सीमा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट Strait of Hormuz से लगती है
- दुनिया का लगभग 20–25% कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है
- भारत की ऊर्जा सुरक्षा सीधे इस मार्ग से जुड़ी है
2. हिंद महासागर–अरब सागर–फारस की खाड़ी का संगम
- ओमान ऐसी जगह स्थित है जहाँ Indian Ocean + Arabian Sea + Persian Gulf मिलते हैं
- यह इसे ट्रांजिट हब और नौसैनिक रणनीति के लिए बेहद अहम बनाता है
3. डुक़्म (Duqm) पोर्ट का सामरिक महत्व
- ओमान का डुक़्म पोर्ट हिंद महासागर के खुले जल (Open Sea Access) पर स्थित है
भारतीय नौसेना को:
- लॉजिस्टिक सपोर्ट
- रिपेयर और रीफ्यूलिंग सुविधा
- पश्चिम एशिया और अफ्रीका तक आसान पहुँच
4. हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में स्थिरता
- ओमान राजनीतिक रूप से मॉडरेट और स्थिर देश है
- भारत के लिए यह एक विश्वसनीय समुद्री साझेदार बनता है
- piracy, terrorism और illegal trafficking पर नियंत्रण में मदद
5. भारत की SAGAR नीति से जुड़ाव
- ओमान की स्थिति भारत की SAGAR (Security and Growth for All in the Region) नीति को मजबूत करती है
- हिंद महासागर में rules-based order को समर्थन