LVM3 (बाहुबली) – विस्तृत जानकारी
- LVM3 का पूरा नाम Launch Vehicle Mark-3 है
- यह ISRO का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है
- पहले इसे GSLV Mk-III कहा जाता था
- आम तौर पर इसे ‘बाहुबली’ कहा जाता है
क्यों बनाया गया
- भारी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजने के लिए
- मानव अंतरिक्ष मिशन (गगनयान) के लिए
- भारत को self-reliant heavy-lift capability देने के लिए
तकनीकी विशेषताएँ
- ऊँचाई: लगभग 43.5 मीटर
- कुल वजन: लगभग 640 टन
- पेलोड क्षमता:
- LEO: 8–10 टन
- GTO: लगभग 4 टन
LVM3 के तीन स्टेज
कुल 3 स्टेज में काम करता है
- पहला स्टेज (S200 सॉलिड बूस्टर): दो बड़े ठोस ईंधन वाले बूस्टर लॉन्च के समय सबसे ज़्यादा ताकत देते हैं
- दूसरा स्टेज (L110 लिक्विड कोर): लिक्विड फ्यूल से चलता है | रॉकेट को ऊँचाई और गति देता है
- तीसरा स्टेज (C25 क्रायोजेनिक): CE-20 इंजन का उपयोग | सटीक कक्षा (ऑर्बिट) में सैटेलाइट स्थापित करता है
क्रायोजेनिक इंजन (CE-20)
- भारत में स्वदेशी रूप से विकसित
- बहुत अधिक दक्षता
- मानव मिशन के लिए सबसे महत्वपूर्ण
LVM3 के प्रमुख मिशन
- चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3
- वनवेब और ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 जैसे कम्युनिकेशन मिशन
- गगनयान टेस्ट मिशन
LVM3 की खास बातें
- मानव उड़ान के लिए डिज़ाइन किया गया
- अत्याधुनिक ऑनबोर्ड कैमरा सिस्टम
- उच्च विश्वसनीयता और सुरक्षा
- भारत की अंतरिक्ष शक्ति का प्रतीक
भारत के लिए महत्व
- विदेशों पर निर्भरता कम
- भारी और उन्नत सैटेलाइट लॉन्च करने की क्षमता
- भारत को स्पेस सुपरपावर बनने में मदद