1. ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध
- भारत और थाईलैंड के संबंध 2000 साल से भी अधिक पुराने हैं।
- बौद्ध धर्म और हिंदू परंपराओं का थाई संस्कृति पर गहरा प्रभाव है।
- रामायण को थाईलैंड में “रामकियेन” कहा जाता है और वहाँ के कई मंदिर भारतीय शैली से प्रेरित हैं।
2. राजनयिक संबंध
- भारत और थाईलैंड के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध 1947 में स्थापित हुए।
- दोनों देश आसियान (ASEAN), बिम्सटेक (BIMSTEC) और ईस्ट एशिया समिट जैसे मंचों पर साथ काम करते हैं।
- 2016 में दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) का दर्जा मिला।
3. राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग
- आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग
- संयुक्त सैन्य अभ्यास जैसे मैत्री (थल सेना) और कॉरपैट (नौसेना अभ्यास)
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर साझा दृष्टिकोण
4. आर्थिक और व्यापारिक संबंध
भारत–थाईलैंड व्यापार लगभग 15–17 अरब डॉलर का है।
प्रमुख क्षेत्र:
- ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- कृषि उत्पाद
- रत्न और आभूषण
- दोनों देश भारत–आसियान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का हिस्सा हैं।
5. सांस्कृतिक और जन-जन संपर्क
- बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग थाईलैंड में रहते हैं।
- धार्मिक पर्यटन (बौद्ध और हिंदू स्थल) को बढ़ावा मिला है।
- दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें और पर्यटन सहयोग मजबूत हुआ है।
6. रणनीतिक और कनेक्टिविटी परियोजनाएं
- भारत–म्यांमार–थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग
- समुद्री संपर्क और व्यापार मार्गों का विस्तार
- डिजिटल और ऊर्जा सहयोग
7. वर्तमान स्थिति
भारत और थाईलैंड आज आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक स्तर पर मज़बूत साझेदार हैं। दोनों देश एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।