Internal Security | 2026-12-25 13:31:00

1. निर्माण और विकास
ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस की संयुक्त परियोजना है। इसे डीआरडीओ (DRDO) और एनपीओ माशिनोस्त्रोयेनीय (रूस) ने मिलकर विकसित किया है।

2. मिसाइल का प्रकार
यह एक सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है। इसे जमीन, समुद्र और हवा तीनों प्लेटफॉर्म से दागा जा सकता है।

3. गति (Speed)
ब्रह्मोस की रफ्तार मैक 2.8 से 3.0 तक होती है। यह सामान्य क्रूज़ मिसाइलों से लगभग तीन गुना तेज़ है।

4. मारक क्षमता (Range)

  • शुरुआती संस्करण: लगभग 290 किमी
  • नए संस्करण: 450–500 किमी तक
  • भारत के MTCR में शामिल होने के बाद इसकी रेंज बढ़ाई गई।


5. वारहेड (Warhead)
इसमें 200–300 किलोग्राम तक का विस्फोटक लगाया जा सकता है। यह बंकर, जहाज और बड़े ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम है।

6. इंजन और तकनीक
दो चरणों वाला इंजन:

  • पहले चरण में सॉलिड फ्यूल बूस्टर
  • दूसरे चरण में रैमजेट इंजन
  • इससे मिसाइल पूरी उड़ान के दौरान सुपरसोनिक रहती है।


7. गाइडेंस सिस्टम

  • इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम
  • सैटेलाइट गाइडेंस (GPS/GLONASS)
  • अंतिम चरण में एक्टिव रडार होमिंग
  • सटीकता: 1 मीटर से भी कम त्रुटि


8. लॉन्च प्लेटफॉर्म

  • ज़मीन से (मोबाइल लॉन्चर)
  • समुद्र से (युद्धपोत और पनडुब्बी)
  • हवा से (सुखोई-30 एमकेआई विमान)


9. स्वदेशीकरण
अब ब्रह्मोस के 83–85% पुर्जे भारत में ही बनते हैं, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ी है।

10. रणनीतिक महत्व

  • दुश्मन के रडार से बचने की क्षमता
  • तेज़ और सटीक हमला
  • भारत की रक्षा शक्ति का मजबूत स्तंभ