Art & Culture | 2021-01-26 15:50:00

हाल ही में फिल्ममेकर किरण राव की अपेंडिक्स की सर्जरी हुई। उनका अपेंडिक्स बढ़कर 12mm का हो गया था। इसके लिए सर्जरी जरूरी थी। सर्जरी के बाद अब वह रिकवर कर रही हैं।

इस कंडीशन को अपेंडिसाइटिस कहते हैं। समय पर इसका डायग्नोसिस और इलाज बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इलाज में देर होने पर यह खतरनाक हो सकता है।

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनाटॉमी रेडियोलॉजी एंड सर्जरी (IJARS) में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, आमतौर पर यह समस्या 10 से 30 साल की उम्र में होती है। इसके ज्यादातर मामलों में इंमरजेंसी सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

इसलिए आज फिजिकल हेल्थ में हम अपेंडिक्स की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • अपेंडिसाइटिस क्या होता है?
  • इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं?
  • अपेंडिसाइटिस का इलाज क्या है?

सवाल- अपेंडिक्स क्या है?

जवाब- अपेंडिक्स एक छोटी उंगली के आकार का ट्यूब जैसा अंग होता है। यह बड़ी आंत के सिरे से जुड़ा होता है, जो पेट के नीचे की तरफ दाईं ओर होता है। पहले माना जाता था कि ये अंग किसी काम का नहीं है। अब कई नई रिसर्च में पता चला है कि-

  • यह हेल्दी गट बैक्टीरिया को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
  • यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।
  • हालांकि, अपेंडिक्स पाचन के लिए जरूरी नहीं है।
  • इसके बिना भी व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।
  • जब इसमें इंफ्लेमेशन हो जाता है, तो उस कंडीशन को अपेंडिसाइटिस कहते हैं।
  • समय पर इलाज न हो तो यह फट सकता है, जो खतरनाक हो सकता है।

सवाल- अपेंडिक्स का हमारे शरीर में क्या काम है?

जवाब- अपेंडिक्स डाइजेस्टिव सिस्टम का मुख्य अंग नहीं है। इसके बावजूद यह आंतों में मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया को सुरक्षित रखने में मदद करता है। डायरिया या किसी भी इन्फेक्शन के बाद यह हेल्दी गट बैक्टीरिया को फिर से बढ़ाने में मदद करता है। अपेंडिक्स इम्यूनिटी भी मजबूत करता है।

  • इसमें लिम्फॉइड टिश्यू होते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
  • लिम्फॉइड टिश्यू में व्हाइट ब्लड सेल्स होती हैं। ये शरीर की डिफेंस फैक्ट्री जैसा है।
  • यह शरीर के इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है।
  • अपेंडिक्स बचपन में ज्यादा सक्रिय होता है।
  • उम्र के साथ इसकी भूमिका कम होती जाती है।
  • शरीर अपेंडिक्स के बिना भी सामान्य रूप से काम कर सकता है। इसलिए अपेंडिक्स उपयोगी है, लेकिन जरूरी नहीं है।