Economy | 2025-01-26 07:03:00

गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) एक प्रकार का म्यूचुअल फंड है जो स्टॉक एक्सचेंज (NSE/BSE) पर ट्रेड होता है। यह फिजिकल गोल्ड (99.5%+ शुद्ध सोना) की कीमत को ट्रैक करता है। एक यूनिट आमतौर पर 1 ग्राम सोने के बराबर होती है। फंड में फिजिकल गोल्ड रखा जाता है (कस्टोडियन जैसे बैंक द्वारा सुरक्षित), इसलिए आपको घर पर सोना स्टोर करने, चोरी/मेकिंग चार्जेस या प्योरिटी की चिंता नहीं होती। यह डिजिटल गोल्ड का सबसे सुरक्षित और पारदर्शी तरीका है।
 

गोल्ड ईटीएफ कैसे खरीदें? 

 

  • डिमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलें — Zerodha, Groww, Upstox, Angel One, 5paisa, HDFC Sky आदि ब्रोकर से (फ्री या बहुत कम चार्ज में)।
  • KYC पूरा करें — PAN, Aadhaar, बैंक अकाउंट लिंक करें।
  • फंड्स ऐड करें — बैंक से ट्रेडिंग अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करें।
  • गोल्ड ईटीएफ सर्च करें — ब्रोकर ऐप में "ETF" सेक्शन में जाएं, "Gold ETF" कैटेगरी चुनें।
  • टॉप चुनने के लिए NSE वेबसाइट पर "Gold ETF" सर्च करें और ट्रेडेड वैल्यू से सॉर्ट करें — हाई वॉल्यूम वाले बेहतर।)
  • न्यूनतम 1 यूनिट से शुरू कर सकते हैं (लगभग ₹7,000-8,000, जनवरी 2026 में गोल्ड प्राइस पर निर्भर)।
  • SIP भी संभव — कई ब्रोकर/ऐप्स में गोल्ड ईटीएफ में SIP शुरू कर सकते हैं (मासिक छोटी राशि)।
     

 

लोकप्रिय विकल्प:

 

  • Nippon India ETF Gold BeES (GOLDBEES) — सबसे पुराना और सबसे ज्यादा लिक्विड।
  • SBI Gold ETF
  • HDFC Gold ETF
  • ICICI Prudential Gold ETF
  • Kotak Gold ETF
  • Zerodha Gold ETF (GOLDCASE) — 

 

 

गोल्ड ईटीएफ के फायदे

 

  • कोई मेकिंग चार्जेस, स्टोरेज/लॉकर खर्च नहीं।
  • हाई लिक्विडिटी — बाजार खुले होने पर तुरंत बेच सकते हैं।
  • ट्रांसपेरेंट — NAV रोज अपडेट, गोल्ड प्राइस से सीधा जुड़ा।
  • डाइवर्सिफिकेशन — पोर्टफोलियो में 5-10% गोल्ड रखने के लिए अच्छा (इन्फ्लेशन/मार्केट क्रैश हेज)।
  • 2025-26 में गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड इनफ्लो (₹40,000+ करोड़) आया है।

 

क्या रिस्क हैं?

 

  • प्राइस वोलेटिलिटी — गोल्ड की कीमत वैश्विक फैक्टर्स (डॉलर, इंटरेस्ट रेट्स, जियोपॉलिटिक्स) से ऊपर-नीचे होती है। 2025 में 30-40%+ तेजी आई, लेकिन गिरावट भी आ सकती है।
  • ट्रैकिंग एरर — फंड मैनेजमेंट/स्टोरेज कॉस्ट से गोल्ड प्राइस से थोड़ा कम रिटर्न मिल सकता है (आमतौर पर 0.3-0.5% सालाना)।
  • एक्सपेंस रेशियो — 0.3-1% सालाना चार्ज (कम वाला चुनें)।
  • मार्केट रिस्क — एक्सचेंज बंद होने पर नहीं बेच सकते (ट्रेडिंग आवर्स: 9 AM-3:30 PM)।
  • कोई डिविडेंड नहीं — सिर्फ कैपिटल गेन से रिटर्न।
  • कोई गारंटीड रिटर्न नहीं — फिजिकल गोल्ड जैसा ही रिस्क।

 

टैक्सेशन (2026 में, Budget 2024 नियम लागू)

 

गोल्ड ईटीएफ को लिस्टेड सिक्योरिटी माना जाता है (गोल्ड ईटीएफ के लिए होल्डिंग पीरियड 12 महीने)।

  • शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG): ≤12 महीने होल्ड → आपके इनकम टैक्स स्लैब रेट पर टैक्स (जैसे 30% + सेस अगर हाई इनकम)।
  • लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG): >12 महीने → 12.5% फ्लैट रेट (बिना इंडेक्सेशन)।
  • एग्जेम्प्शन: सालाना ₹1.25 लाख तक LTCG सभी एसेट्स पर छूट (गोल्ड + शेयर आदि मिलाकर)।
  • खरीद पर GST: गोल्ड ईटीएफ में कोई GST नहीं (फिजिकल गोल्ड पर 3% GST लगता है)।
  • बिक्री पर कोई TDS नहीं (इंडिविजुअल के लिए)।
  • रिपोर्टिंग: ITR में "कैपिटल गेन" सेक्शन में दिखाएं।