Art & Culture | 2021-04-26 12:14:00

1. बड़ी खबर: 5,446 महिलाएं बिना मेहरम जाएंगी हज

Haj Yatra 2026 में इस बार एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। कुल 5,446 मुस्लिम महिलाएं बिना मेहरम (पुरुष अभिभावक) के हज यात्रा पर जा रही हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जो दर्शाता है कि महिलाओं की धार्मिक यात्राओं में भागीदारी और आत्मनिर्भरता दोनों तेजी से बढ़ रही हैं। पहले जहां महिलाओं के लिए बिना मेहरम हज जाना कठिन था, अब यह एक सामान्य और स्वीकार्य विकल्प बनता जा रहा है।

 

2. केरल की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी

इस बार बिना मेहरम जाने वाली महिलाओं में सबसे ज्यादा संख्या Kerala से है। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 4,477 महिलाएं अकेले हज यात्रा पर जा रही हैं। यह दर्शाता है कि केरल में महिलाओं के बीच धार्मिक जागरूकता, शिक्षा और आत्मविश्वास का स्तर काफी ऊंचा है, जिससे वे इस तरह के अवसरों का अधिक लाभ उठा पा रही हैं।

 

3. बिना मेहरम यात्रा की नई नीति

भारत सरकार और हज कमेटी द्वारा लागू की गई नई नीति के तहत अब महिलाएं “Ladies Without Mehram (LWM)” श्रेणी में हज यात्रा कर सकती हैं। इस नीति के अंतर्गत महिलाएं बिना किसी पुरुष अभिभावक के यात्रा कर सकती हैं, लेकिन उन्हें समूह में यात्रा करनी होती है। इसके साथ ही उनके लिए सुरक्षा, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।

 

4. महिलाओं की स्वतंत्रता और सामाजिक बदलाव

यह बदलाव केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का संकेत है। महिलाओं को अब धार्मिक कर्तव्यों को निभाने के लिए पुरुष पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे समाज में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो रही है और उन्हें अपने फैसले खुद लेने की स्वतंत्रता मिल रही है। यह कदम लैंगिक समानता (gender equality) की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 

5. हज यात्रा 2026 की शुरुआत और तैयारी

Haj Yatra 2026 के लिए भारत से यात्रियों का पहला जत्था अप्रैल 2026 में रवाना हो चुका है। इस बार प्रशासन ने विशेष रूप से महिला यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें अलग आवास, सुरक्षा और समूह समन्वय शामिल हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि महिलाओं की यात्रा आरामदायक और सुरक्षित हो।

 

 निष्कर्ष

Haj Yatra 2026 में बिना मेहरम महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी यह दिखाती है कि भारत में महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, चाहे वह शिक्षा हो, करियर हो या धार्मिक आस्था। खासकर केरल की भागीदारी इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की ओर इशारा करती है।