Economy | 2022-04-26 13:53:00

नियम की मुख्य घोषणा

भारतीय केंद्रीय बैंक Reserve Bank of India ने डिजिटल पेमेंट्स को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ऑटो-डेबिट (Auto Debit) और recurring payments पर नया नियम लागू किया है। इस नियम के अनुसार, एक निश्चित सीमा तक भुगतान को सरल रखा गया है, जबकि उससे अधिक राशि पर अतिरिक्त सुरक्षा लागू की गई है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा भी प्रदान करना है।

 

₹15,000 की सीमा का अर्थ

नए नियम के तहत ₹15,000 तक के ऑटो-पेमेंट बिना हर बार OTP के हो सकते हैं, यानी छोटे और नियमित भुगतान आसानी से पूरे हो जाएंगे। लेकिन यदि भुगतान राशि ₹15,000 से अधिक है, तो हर ट्रांजैक्शन के लिए OTP या अन्य अतिरिक्त सत्यापन (AFA) अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था इस बात को सुनिश्चित करती है कि बड़ी राशि के लेन-देन में धोखाधड़ी की संभावना कम हो।

 

ऑटो-पेमेंट सेटअप की प्रक्रिया

ऑटो-पेमेंट शुरू करने के लिए ग्राहक को पहले e-mandate रजिस्टर करना होता है, जिसमें OTP या PIN के जरिए अनुमति दी जाती है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद, निर्धारित सीमा के भीतर भुगतान अपने-आप कटता रहता है। यह प्रणाली उपयोगकर्ता को बार-बार अनुमति देने की परेशानी से बचाती है।

 

विशेष मामलों में उच्च सीमा

कुछ महत्वपूर्ण भुगतान जैसे बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड SIP और क्रेडिट कार्ड बिल के लिए यह सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख तक कर दी गई है। यदि ग्राहक ने पहले से अनुमति दी है, तो इन मामलों में बड़ी राशि के ऑटो-पेमेंट बिना अतिरिक्त सत्यापन के हो सकते हैं, जिससे जरूरी भुगतान में बाधा न आए।

 

24 घंटे पहले सूचना का नियम

अब हर ऑटो-डेबिट से पहले बैंक या भुगतान प्लेटफॉर्म को ग्राहक को कम से कम 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन भेजना अनिवार्य है। इससे ग्राहक को समय मिलता है कि वह चाहे तो पेमेंट को रोक सके, संशोधित कर सके या रद्द कर सके। यह नियम पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ाने के लिए लागू किया गया है।

 

नियम लागू करने का उद्देश्य

Reserve Bank of India का मुख्य उद्देश्य डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाना है। बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए यह नियम ग्राहकों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है और उन्हें अपने पैसे पर अधिक नियंत्रण देता है।

 

निष्कर्ष

यह नया नियम छोटे भुगतान को आसान और बड़े भुगतान को सुरक्षित बनाता है। ₹15,000 तक सुविधा और उससे अधिक राशि पर सुरक्षा—यही इस नियम का मूल सिद्धांत है, जो डिजिटल पेमेंट्स को और भरोसेमंद बनाता है।