NFHS-6 क्या है और क्यों अहम है
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) भारत का सबसे बड़ा और व्यापक हेल्थ सर्वे है, जिसकी रिपोर्ट मई 2026 में जारी होने की उम्मीद है। यह सर्वे 2023–24 के दौरान किया गया, जिसमें देशभर के 6.79 लाख से अधिक घरों को शामिल किया गया। इस सर्वे का उद्देश्य देश की स्वास्थ्य, पोषण, जनसंख्या और सामाजिक संकेतकों की वास्तविक स्थिति को समझना है, ताकि सरकार बेहतर नीतियां बना सके।
सर्वे का स्वरूप और डिजिटल बदलाव
NFHS-6 को पूरी तरह डिजिटल मोड (CAPI सॉफ्टवेयर) के जरिए किया गया है। इससे डेटा संग्रह के दौरान ही त्रुटियों की पहचान और सुधार संभव हुआ, जिससे रिपोर्ट की विश्वसनीयता बढ़ी है। यह सर्वे दो चरणों में पूरा किया गया और इसमें सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया।
इस डिजिटल बदलाव से डेटा पहले की तुलना में ज्यादा सटीक और तेज़ी से उपलब्ध होगा।
किन-किन क्षेत्रों का डेटा शामिल
NFHS-6 में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर किया गया है, जो देश की समग्र स्वास्थ्य स्थिति को दर्शाते हैं। इसमें शामिल हैं:
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य
- टीकाकरण (Immunization)
- कुपोषण (Malnutrition)
- प्रजनन दर (Fertility Rate)
- परिवार नियोजन
- महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति और जागरूकता
ये सभी संकेतक यह बताते हैं कि देश का हेल्थ सिस्टम जमीनी स्तर पर कितना मजबूत है।
NFHS-5 के बाद क्या बदल सकता है
NFHS-5 (2019–21) में कई महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिले थे, जैसे कि लिंगानुपात 1020/1000 तक पहुंचना। अब NFHS-6 से यह पता चलेगा कि इन सुधारों में और प्रगति हुई है या नहीं।
इसके अलावा, कोविड-19 के बाद स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण स्तर और टीकाकरण पर क्या असर पड़ा—इसकी भी स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
नीति निर्माण में NFHS-6 की भूमिका
NFHS-6 रिपोर्ट सरकार के लिए एक नीति-निर्माण का आधार होगी। इसके जरिए यह तय किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और किन योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।
राज्य और जिला स्तर के डेटा से सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि कहां पर ज्यादा संसाधन और ध्यान देने की आवश्यकता है।
डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता
इस बार सर्वे में मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन सिस्टम अपनाया गया है, जिससे डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ी है। डिजिटल सिस्टम के कारण मानवीय गलतियों को कम किया गया और आंकड़ों को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
देश की जमीनी हकीकत का आईना
NFHS-6 केवल आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं है, बल्कि यह देश की असली स्वास्थ्य स्थिति का आईना है। इससे यह पता चलेगा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्या अंतर है, किन राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और किन क्षेत्रों में अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं।
निष्कर्ष
NFHS-6 रिपोर्ट भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी। यह न केवल वर्तमान स्थिति को उजागर करेगी, बल्कि भविष्य की नीतियों और योजनाओं की दिशा भी तय करेगी। देश की “हेल्थ रिपोर्ट कार्ड” के रूप में यह रिपोर्ट आने वाले समय में कई बड़े फैसलों का आधार बनेगी।