भारतीय सेना में Permanent Commission (PC) का मतलब है कि अधिकारी को पूरे कार्यकाल (retirement age तक) सेना में सेवा करने का अधिकार मिलता है।
Permanent Commission वाले अधिकारी:
- रिटायरमेंट तक सेना में रहते हैं
- ऊँचे रैंक (Colonel, Brigadier, Major General आदि) तक प्रमोश?? पा सकते हैं
- कमांड पदों पर नियुक्त हो सकते हैं
- पेंशन और अन्य दीर्घकालिक सुविधाएँ प्राप्त करते हैं
- इसके विपरीत Short Service Commission (SSC) में सेवा अवधि 10–14 साल होती है और आमतौर पर रिटायरमेंट तक सेवा का विकल्प नहीं मिलता (कुछ चुनिंदा को छोड़कर)।
महिलाओं को Permanent Commission कब मिला?
- महिलाओं के लिए Permanent Commission आधिकारिक रूप से 2020 में लागू किया गया।
- मार्च 2020, सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया कि महिलाओं को भी पुरुषों की तरह Permanent Commission दिया जाए।
- इसके बाद सरकार ने महिलाओं के लिए PC सभी 10 गैर-लड़ाकू शाखाओं में लागू किया।
- (जैसे—Signals, Engineers, Army Education Corps, JAG, AOC, ASC आदि)
- पहली बार: महिलाओं को सेना में Permanent Commission देने की प्रक्रिया 2020 से शुरू हुई।
- अदालत से पहले महिलाओं को सिर्फ Short Service Commission (SSC) मिलता था।
Permanent Commission (PC) vs Short Service Commission (SSC)
PC का मतलब स्थायी सेवा, जबकि SSC सीमित अवधि (10–14 साल) की सेवा होती है। महिलाओं का मुद्दा इसलिए उठा क्योंकि वे ज्यादातर SSC में भर्ती होती थीं।